राजस्थान पुलिस परिचय/इतिहास

क्या है पुलिस/पुलिस के कार्य

जिस प्रकार बाह्य अनैतिक गतिविधियों से देश की सुरक्षा के लिए सेना होती है ठीक उसी प्रकार देश की आन्तरिक नागरिक सुरक्षा के लिए हर देश के पास पुलिस बल होता है ।

पुलिस देश के नागरिकों की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाती है तथा अपराधियों को पकड़कर उनके द्वारा किये गए अपराधों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाती है । इसके पश्चात पुलिस अपराधी को अदालत को सौंप देती है ताकि अपराधी को सम्बंधित अपराध की सजा दी जा सके । देश में न्याय व्यवस्था को बनाये रखने का कार्य न्यायालयों का है । पुलिस न्याय व्यवस्था की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है । हालांकि पुलिस का कार्य अपराधी को सजा देना नहीं है । सजा देने का कार्य अदालतें करती हैं ।

राजस्थान पुलिस का इतिहास

दोस्तों,जैसा की हम सभी जानते हैं हमारा देश 15 अगस्त,1947 को आजाद हुआ । आजादी के समय तक हमारा देश छोटी-बड़ी 563 रियासतों में बंटा हुआ था । सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में इन 563 रियासतों के भारत में विलीनीकरण का कार्य आरंभ हुआ ।

राजस्थान में उस समय 22 रियासतें थीं । रियासतों के विलीनीकरण की परिक्रिया के साथ ही इन रियासतों की पुलिस का भी एकीकरण प्रारंभ हुआ । 7 अप्रैल,1949 को श्री आर.बनर्जी को राजस्थान का प्रथम पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया । 16 अप्रैल,1949 को एकीकरण का अध्यादेश जारी होने के राजस्थान में एकल पुलिस (एकीकृत पुलिस) का गठन हुआ जिसे राजस्थान पुलिस के नाम से जाना जाता है ।

राजस्थान पुलिस का प्रतीक चिह्न व ध्वज

राजस्थान पुलिस का प्रतीक चिन्ह विजय स्तंभ है। मेवाड़ के राजा महाराणा कुंभा द्वारा मालवा के शासक महमूद खिलजी पर विजय के उपलक्ष में 1440 से 1448 के मध्य चित्तौड़गढ़ में विजय स्तंभ का निर्माण करवाया था । विजय के प्रतीक विजय स्तम्भ के अलावा राजस्थान पुलिस के ध्वज में विजय स्तम्भ के शीर्ष पर अशोक स्तंभ तथा विजय स्तम्भ के दोनों तरफ तलवार व ढाल के चिह्न अंकित हैं ।

वर्तमान में राजस्थान पुलिस के ध्वज में दो रंग हैं गहरा नीला व लाल । तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 30 मार्च 1954 को राजस्थान पुलिस ध्वज को रंग प्रदान किया। 17 अप्रैल 1992 को तत्कालीन राज्यपाल मर्री चेन्ना रेड्डी ने ”सेवार्थ कटिबद्धता” के साथ-साथ राजस्थान पुलिस के ध्वज को गहरा नीला रंग प्रदान किया ।

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